प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने व्यक्ति के जीवन को प्रकाशमान और उसके चरित्र का निर्माण करने वाले आठ आवश्यक गुणों को दर्शाने वाले एक संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा;
“अष्टौ गुणाः पुरुषं दीप्यन्ति प्रज्ञा सुशीलत्वदमौ श्रुतं च।
संयोगश्च बहुभाषिता च दानं यथाशक्ति कृतज्ञता च।।”
ये आठ गुण व्यक्ति के जीवन को प्रकाशमान करते हैं। बुद्धि उसके मार्ग को स्पष्ट करती है। सदाचार उसके आचरण को पवित्र बनाता है और आत्म-संयम उसे अनुशासित रखता है। ज्ञान उसे विवेक देता है, वीरता उसे कठिन परिस्थितियों में अडिग रखती है और कुशल वाणी उसे समाज में सम्मान दिलाती है। अपने सामर्थ्य के अनुसार दान करना और उपकारों के प्रति कृतज्ञ रहना उसके व्यक्तित्व को पूर्णता प्रदान करते हैं।