प्रापर्टी आईडी की शिकायत चंडीगढ़ पहुंची तो नपेंगे अधिकारी

प्रापर्टी आईडी की शिकायत चंडीगढ़ पहुंची तो नपेंगे अधिकारी

चंडीगढ़, 20 अगस्त। हरियाणा के शहरों से लगातार आ रही प्रापर्टी आईडी से संबंधित शिकायतों पर मुख्यमंत्री नायब सैनी गंभीर हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए हैं कि प्रापर्टी आईडी से संबंधित कोई भी शिकायत चंडीगढ़ नहीं पहुंचनी चाहिए। ऐसी कोई शिकायत मिलने पर अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसलिए अधिकारी उनका निवारण अपने स्तर पर जल्द सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बीती रात चंडीगढ़ में शहरी स्थानीय निकाय, नगर योजनाकर एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ पीआईडी को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन एवं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल भी मौजूद रहे।  मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रीड के साथ शहरी स्थानीय निकाय की समन्वय बैठक आयोजित कर पीआईडी से संबंधित समस्याओं का त्वरित गति से समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि जनता को किसी प्रकार की दिक्कतें पेश न आए। उन्होंने अधिकारियों को पूरे सिस्टम को भी दुरूस्त करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चार लाख 42 हजार 570 प्रोप्रटीज की दो लाख 79 हजार 658 पीआईडी अप्रूव की जा चुकी हैं। शेष प्रोप्रटीज की आईडी को भी जल्द ही पूरा कर दिया जाएगा। इसी प्रकार विभाजित की जाने वाली 63 हजार 878 पीआईडी में से भी 36 हजार 545 पीआईडी अपू्रव कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि 50 लाख 50 हजार 72 प्रॉपर्टी में से स्थानीय निकायों संबंधित 19 हजार 403 ऑब्जेक्शन लंबित हैं। उन्हें भी जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने प्रोप्रटी आईडी को लेकर विस्तृत जानकारी लेते हुए कहा कि वैध कॉलोनियों की सीमा में यदि कोई प्लाट खाली है तो उसे भी वैद्य मानते हुए एचएसवीपी की तर्ज पर एक्सटेशन फीस लेकर कार्रवाई अमल में लाई जाए। इसके अलावा यदि किसी प्लाट या मकान में कमर्शियल गतिविधियां संचालित है तो उसे भी विकास शुल्क आदि चार्ज लेकर अनुमति प्रदान की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि को कृषि, कमर्शियल और रेजिडेंशियल में विभाजित कर आंकलन किया जाए। इसी प्रकार नार्म पूरा करने वाली सभी कंपनियों को वैद्य घोषित करने के लिए कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने कहा कि फैमिली आईडी और प्रॉपर्टी आईडी के मिसमैच को भी दूर करने के लिए भी त्वरित कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में एक करोड़ 39 लाख प्रॉपर्टी आईडी में से 31 लाख प्रॉपर्टी आईडी का आधार कार्ड से मैच कर लिया गया है। बाकी पीआईडी का लगभग एक साल में मैच कर लिया जाएगा। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में पीआईडी को लेकर आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए नई पॉलिसी के तहत समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बिल्डर्स द्वारा बल्क में नई पीआईडी जनरेट करने, व्यक्तिगत तथा पुरानी रजिस्ट्री पर व्यक्तिगत सब आईडी बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की और इनका समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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