यमुना जल परियोजना को लेकर हरियाणा और राजस्थान के बीच हुआ एमओयू

यमुना जल परियोजना को लेकर हरियाणा और राजस्थान के बीच हुआ एमओयू

चंडीगढ़, 29 जून– केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में सोमवार को यमुना जल परियोजना को लेकर हरियाणा और राजस्थान के बीच समझौता हुआ। इस दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल, हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी और राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा मौजूद रहे।

इस दौरान संबोधित करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यमुना जल परियोजना को लेकर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में लगातार हरियाणा और राजस्थान के बीच बैठकें हुई। आज इस एमओयू के अंतर्गत हरियाणा में जुलाई और अक्तूबर के बीच जो वर्षा का सरप्लश पानी होता है, राजस्थान उसे पाइपलाइन के माध्यम से ले जाकर पेय जल के लिए उपयोग करेगा। इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए आज एमओयू हुआ है। इसके अंतर्गत हथनीकुंड बैराज से राजस्थान तक पाइपलाइन बिछाई जाएगी और सरप्लश पानी का इस्तेमाल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह बड़ी खुशी की बात है क्योंकि प्यासे तक पानी पहुंचाने की हम सभी की सांझी जिम्मदारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि हरियाणा इसमें पूरा सहयोग करेगा। इस परियोजना में कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। इस एमओयू से पहले केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में इस परियोजना को लेकर अलग-अलग पहलूओं पर विस्तार से परिचर्चा की गई। इसके उपरांत ही एमओयू साइन हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इस एमओयू को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल और राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का धन्यवाद किया।

बैठक में हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी व अन्य गणमान्य मौजूद रहे।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति में यमुना जल परियोजना के निर्माण और कार्यान्वयन के संबंध में आज हरियाणा सरकार और राजस्थान सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर

चंडीगढ़ 29 जून – केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति में सोमवार को  नई दिल्ली में यमुना जल परियोजना के निर्माण और कार्यान्वयन के संबंध में हरियाणा सरकार और राजस्थान सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल और केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

          इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि इस समझौते से हरियाणा और राजस्थान के लोगों की पानी से जुड़ी लगभग 3 दशक पुरानी समस्या का आज समाधान हो गया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा दिए गए सहकारी संघवाद के मंत्र का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह समझौता इस बात का उदाहरण है कि अगर राज्य सहकारी संघवाद की सोच को आगे बढ़ाएं तो तीन दशक पुरानी समस्या भी सरलता से सुलझ सकती है।

          श्री अमित शाह ने कहा कि आज हुए समझौते के तहत जुलाई से अक्टूबर तक लगभग 580 एमसीएम पानी यमुना नहर से तीन भूमिगत पाइपलाइंस के जरिए राजस्थान तक पहुंचाया जाएगा। इन तीन पाइपलाइंस का व्यास 3.6 मीटर से भी अधिक है जिनके माध्यम से राजस्थान और हरियाणा राज्यों के लोगों के लिए पेयजल की व्यवस्था होगी। श्री शाह ने कहा कि यह समझौता दोनों राज्यों के लिए Win-Win Situation का अच्छा उदाहरण है। समझौते में वित्तीय जिम्मेदारी, लागत साझीकरण, जल आवंटन और जल छोड़ने के प्रोटोकॉल और रखरखाव का बारीकी से ध्यान रखा गया है। इस वैज्ञानिक रूप से परिपूर्ण समझौते में बुनियादी ढांचे का संचालन, रखरखाव, निगरानी तंत्र, पारदर्शिता के उपायों और विवाद समाधान की प्रक्रिया को भी बहुत बढ़िया तरीके से समाहित किया गया है।

          केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हरियाणा, राजस्थान और विशेषकर केन्द्रीय जल आयोग ने इस समझौते का जो प्रारूप बनाया है वह आने वाले कई दशकों तक विवादहीन समझौते के रूप में स्थापित रहेगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल जी की अध्यक्षता में कुछ ही दिनों में इस समस्या का समाधान निकल गया। इस समझौते के बाद राजस्थान के सीकर, चूरू और झुंझुनू के साथ-साथ हरियाणा के भिवानी और फतेहाबाद क्षेत्रों में भी पीने का पानी पहुंचाने की व्यवस्था हो जाएगी।

          श्री अमित शाह ने कहा कि इस समझौते से हरियाणा और राजस्थान विशेषकर राजस्थान, में पीने के पानी की समस्या के निवारण में बहुत सहायता मिलेगी। जो पानी किसी काम नहीं आ रहा था, इस समझौते के बाद अब वह पानी लोगों की प्यास बुझाने और बड़े तालाबों में संचयित होकर भूजलस्तर बढ़ाने के काम आएगा। श्री शाह ने कहा कि हरियाणा, राजस्थान और जल शक्ति मंत्रालय ने प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा दिए गए सहकारी संघवाद के संदेश को सच्चे अर्थों में चरितार्थ किया है।

          इस परियोजना का उद्देश्य पश्चिमी यमुना नहर से भूमिगत पाइपलाइन के ज़रिए राजस्थान के हिस्से का यमुना का पानी पहुँचाना है। इससे राज्य, अपर यमुना बेसिन के इस्तेमाल लायक सतही पानी के बँटवारे पर 1994 के समझौते के तहत मिले पानी का सही तरीके से इस्तेमाल कर पाएगा। इस परियोजना से राजस्थान के सूखे और कम बारिश वाले इलाकों में पीने के पानी की निरंतर आपूर्ति होगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लाखों लोगों को फ़ायदा होगा। यह समझौता केन्द्र सरकार और समझौते में शामिल राज्य सरकारों के एकजुट प्रयासों से परियोजना को समय पर लागू करने की नींव रखने का काम करेगा।