चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर वातावरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
चंडीगढ़, 25 सितंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में किराये के भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर अपने भवन उपलब्ध करवाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण शीघ्र करवाया जाए। इसके लिए सरकारी भूमि, विद्यालयों में उपलब्ध भूमि तथा अन्य उपयुक्त स्थानों को चिन्हित कर आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण की संभावनाएं तलाशें।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को चंडीगढ़ मे महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, महिला एवं बाल विकास की निदेशक डॉ. प्रियंका सोनी, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री अजय कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
किराये के भवनों में चल रहे आंगनवाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन किराये के भवनों में हो रहा है, उनके लिए भवन निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन के साथ-साथ विद्यालय परिसरों में उपलब्ध भूमि तथा ऐसी धर्मशालाओं की भी पहचान की जाए, जहां आंगनवाड़ी केंद्र संचालित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण के लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करें।
महिला एवं किशोरी सम्मान योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को मिलें सैनिटरी पैड
मुख्यमंत्री ने महिला एवं किशोरी सम्मान योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि पात्र बीपीएल महिलाओं एवं किशोरियों को गुणवत्तापूर्ण सैनिटरी पैड नि:शुल्क उपलब्ध करवाए जाएं। उन्होंने लाभार्थियों का उचित पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिसमें उनका पूरा नाम, फोन नंबर तथा आवश्यक विवरण दर्ज किया जाए और वितरण का उचित रिकॉर्ड रखा जाए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जन औषधि केंद्रों तथा संबंधित वितरण केंद्रों के माध्यम से स्कूलों में भी इन उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। शहरी क्षेत्रों में भी जन औषधि केंद्रों और स्कूलों के माध्यम से सैनिटरी पैड उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने आवश्यकतानुसार डिस्पेंसिंग मशीनें लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि महिलाओं एवं किशोरियों को उपलब्ध करवाए जाने वाले सभी उत्पाद गुणवत्ता के मानकों पर खरे होने चाहिए।
मिशन वात्सल्य के तहत बच्चों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित हों
मुख्यमंत्री ने मिशन वात्सल्य के तहत संचालित चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने जुवेनाइल जस्टिस फंड में बढ़ोतरी करने तथा चिल्ड्रन होम में सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिल्ड्रन होम के भवनों का रिनोवेशन और रखरखाव सही ढंग से किया जाए तथा बच्चों को बेहतर, सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध करवाया जाए।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चिल्ड्रन होम का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि वहां बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की नियमित समीक्षा होती रहे।
जुवेनाइल जस्टिस फंड में बढ़ोतरी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने जुवेनाइल जस्टिस फंड को बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने के निर्देश दिए। इसके अलावा यौन अपराधों तथा पॉक्सो एक्ट के तहत पीड़ितों को तत्काल सामाजिक एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने की राशि को बढ़ाकर 20 हजार रुपये से 50 हजार रुपये करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों को निर्धारित प्रावधानों के तहत समय पर सहायता मिले, इसके लिए पूरी प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए।
चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस में शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस में रह रहे बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के शैक्षणिक स्तर को बढ़ाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएं। उन्होंने दिव्यांग बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने तथा जो बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ना चाहते हैं, उनकी शिक्षा की समुचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस में रहने वाले अनाथ बच्चों की शिक्षा और पालन-पोषण में सरकार की ओर से हरसंभव सहायता सुनिश्चित की जाए, ताकि वे बेहतर शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकें।