प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 7, लोक कल्याण मार्ग पर विश्व कौशल प्रतियोगिता, शंघाई 2026 में टीम इंडिया के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की।
बातचीत के दौरान, प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता के दौरान अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने विश्व मंच पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व व्यक्त किया। प्रतिभागियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान नए उपकरणों, सॉफ्टवेयर, तकनीकी प्रणालियों और कार्य प्रक्रियाओं को अपनाने पर चर्चा की। उन्होंने कौशल विकास की दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में भी बताया, जिससे युवाओं को मदद मिल रही है।
प्रधानमंत्री ने वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने उनसे कौशल विकास का दूत बनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि व्यावहारिक कौशल उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि अकादमिक डिग्री।
विशिष्ट कौशल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे प्रौद्योगिकी तेजी से विकसित हो रही है, युवाओं को लगातार नए कौशल हासिल करने चाहिए, अपनी मौजूदा क्षमताओं को उन्नत करना चाहिए और उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाना चाहिए। उन्होंने प्रतिभागियों से अंतरराष्ट्रीय बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने और अपने अनुभवों और सुझावों के माध्यम से भारत के कौशल प्रशिक्षण इकोसिस्टम को बेहतर बनाने में योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने भारत को कुशल मानव संसाधनों के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए युवाओं, सरकार और प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रधानमंत्री ने कौशल विकास के लिए एक अलग मंत्रालय स्थापित करने के पीछे के उद्देश्य के बारे में बताते हुए
वर्ल्डस्किल्स दुनिया की अग्रणी अंतरराष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता है, जो भाग लेने वाले देशों और क्षेत्रों के युवा पेशेवरों को व्यावसायिक और तकनीकी कौशल की एक विस्तृत श्रृंखला में उत्कृष्टता प्रदर्शित करने के लिए एक साथ लाती है। वर्ल्ड स्किल्स शंघाई 2026, 48वीं विश्व कौशल प्रतियोगिता, 22 से 27 सितंबर, 2026 तक शंघाई के राष्ट्रीय प्रदर्शनी और सम्मेलन केंद्र में आयोजित की गई थी। टीम इंडिया ने 48वीं विश्व कौशल प्रतियोगिता, शंघाई 2026 में 6
इस बातचीत में कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री